August 20, 2026 • By Pandit Ji

नवग्रह शांति पूजा क्या है? उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा की विधि, लाभ और महत्व

नवग्रह शांति पूजा क्या है? उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा की विधि, लाभ और महत्व
सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, और केतु) का मनुष्य के जीवन पर गहरा प्रभाव माना गया है। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति को व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं से जोड़कर देखा जाता है। जब किसी ग्रह की दशा या महादशा प्रतिकूल होती है, तो जीवन में कई तरह की बाधाएं आने लगती हैं। ऐसे में नवग्रह शांति पूजा को वैदिक परंपरा में ग्रहों से संबंधित अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठान के रूप में माना जाता है।

नवग्रह शांति पूजा क्या है?

नवग्रह शांति पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है जिसमें नौ ग्रहों की शांति के लिए मंत्र जाप, हवन, पूजन और दान आदि किए जाते हैं। वैदिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस पूजा का उद्देश्य ग्रहों से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान करना है।

उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा का महत्व क्यों है?

उज्जैन (अवंतिका) को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण नगरी माना जाता है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं में उज्जैन को पृथ्वी के नाभि-स्थल से भी जोड़ा गया है। यहां स्थित मंगलनाथ मंदिर और त्रिवेणी नवग्रह शनि मंदिर के कारण नवग्रह एवं ग्रह शांति से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उज्जैन का विशेष महत्व माना जाता है।

नवग्रह शांति पूजा किसे और कब करनी चाहिए?

यदि आपके जीवन में निम्नलिखित में से कोई भी समस्या लगातार बनी हुई है, तो आपको किसी योग्य ज्योतिषी से कुंडली का विश्लेषण कराकर नवग्रह शांति पूजा करानी चाहिए। नवग्रह शांति पूजा कराने से पहले कुंडली का ज्योतिषीय विश्लेषण करवाना उचित माना जाता है, क्योंकि पूजा की आवश्यकता और संबंधित ग्रह व्यक्ति की कुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, कुंडली में मंगल से संबंधित दोष पाए जाने पर मंगल दोष निवारण से जुड़े अनुष्ठानों के बारे में विचार किया जा सकता है, जबकि राहु-केतु से संबंधित ज्योतिषीय स्थितियों में कालसर्प दोष पूजा जैसे विशेष अनुष्ठानों की सलाह दी जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए मंगल भात पूजा और कालसर्प दोष पूजा पढ़ें।:
  • लगातार असफलता: कड़ी मेहनत के बाद भी व्यापार, नौकरी या शिक्षा में सफलता न मिलना।
  • जीवन में नकारात्मकता: लगातार तनाव, चिंता या नकारात्मकता महसूस होने पर धार्मिक आस्था के अनुसार नवग्रह शांति पूजा का सहारा लिया जाता है।
  • पारिवारिक कलह: घर में अकारण विवाद, तनाव और वैवाहिक जीवन में परेशानी।
  • आर्थिक तंगी: धन का न टिकना, अचानक भारी नुकसान या कर्ज का बढ़ना।
  • मानसिक अशांति: लगातार चिंता, तनाव या बेचैनी महसूस होने पर धार्मिक मान्यता के अनुसार नवग्रह शांति पूजा की जा सकती है।

नवग्रह शांति पूजा की वैदिक विधि

उज्जैन में योग्य और विद्वान पंडितों द्वारा यह पूजा पूरी तरह से वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न कराई जाती है। पूजा के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
1. संकल्प और गौरी-गणेश पूजन: किसी भी शुभ कार्य की तरह नवग्रह पूजा का आरंभ भी भगवान गणेश की स्तुति से होता है।
2. नवग्रह मंडल की स्थापना: एक पवित्र वेदी पर नौ ग्रहों का आह्वान किया जाता है। प्रत्येक ग्रह के लिए उनका विशिष्ट रंग, अनाज और मंत्र होता है।
3. कलश स्थापना और षोडशोपचार पूजन: सभी देवी-देवताओं और नवग्रहों की सोलह प्रकार (षोडशोपचार) से पूजा की जाती है।
4. ग्रह मंत्र जाप: आवश्यकता और संकल्प के अनुसार संबंधित ग्रह के मंत्रों का निर्धारित संख्या में जाप किया जाता है। विशेष अनुष्ठानों में जाप की संख्या अधिक हो सकती है।
5. हवन (अग्निहोत्र): नवग्रहों की शांति के लिए विशेष जड़ी-बूटियों (समिधा) से हवन किया जाता है।
6. पूर्णाहुति, आरती और दान: पूजा के अंत में ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को ग्रहों के अनुसार वस्तुओं का दान किया जाता है।

नवग्रह शांति पूजा के मुख्य लाभ

इस पूजा को संपन्न कराने के बाद व्यक्ति के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
  • मानसिक शांति: धार्मिक आस्था के अनुसार मन को शांति और सकारात्मकता प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
  • पारिवारिक सौहार्द: पूजा के माध्यम से परिवार में धार्मिक और सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास किया जाता है।
  • आध्यात्मिक संतुलन: नियमित मंत्र जाप और पूजा से आध्यात्मिक अनुशासन बढ़ता है।
  • ग्रह संबंधी शांति: वैदिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए यह अनुष्ठान किया जाता है।
  • सकारात्मक दृष्टिकोण: पूजा और मंत्र जाप व्यक्ति को मानसिक रूप से सकारात्मक रहने में सहायक हो सकते हैं।

उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा कैसे करवाएं?

यदि आप उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा करवाना चाहते हैं, तो Puja Path Ujjain के माध्यम से पूजा की उपलब्ध व्यवस्था, विधि और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष: यदि आप ग्रहों से संबंधित ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शांति अनुष्ठान करवाना चाहते हैं, तो उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा एक आस्थापूर्ण विकल्प हो सकती है। पूजा की विधि और संकल्प व्यक्ति की कुंडली एवं पूजा के उद्देश्य के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। अनुष्ठान की योजना बनाने से पहले अनुभवी वैदिक पंडित से परामर्श करना उचित है।

उज्जैन में पूजा बुक करें

अधिक जानकारी और बुकिंग के लिए हमारे अनुभवी पंडित जी से संपर्क करें।

कॉल करें: +91 74008 59051WhatsApp करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

नवग्रह शांति पूजा में कितना समय लगता है?

नवग्रह शांति पूजा की अवधि पूजा की विधि, मंत्र जाप की संख्या और अनुष्ठान के संकल्प पर निर्भर करती है। सामान्य पूजा में कुछ घंटे लग सकते हैं, जबकि विशेष मंत्र जाप वाले अनुष्ठान में अधिक समय लग सकता है।

क्या नवग्रह शांति पूजा के लिए उज्जैन आना अनिवार्य है?

उज्जैन में पूजा करवाना धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यदि किसी कारणवश आप उज्जैन नहीं आ सकते, तो पूजा की उपलब्ध व्यवस्था और प्रक्रिया के बारे में पंडित जी से पहले जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इस पूजा के लिए सबसे अच्छा दिन और समय कौन सा होता है?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, संबंधित ग्रह के वार या शुभ मुहूर्त में पूजा करना उचित माना जाता है। पूजा का समय अनुष्ठान की विधि, व्यक्ति की कुंडली और पूजा के उद्देश्य के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

नवग्रह शांति पूजा के लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए?

इसमें मुख्य रूप से नवग्रह समिधा, प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष अनाज, रंगीन वस्त्र, कलश, घी, पुष्प और फल जैसी सामग्री उपयोग होती है। पंडित जी द्वारा इसकी विस्तृत सूची प्रदान की जाती है।

क्या नवग्रह शांति पूजा कुंडली देखकर करानी चाहिए?

हाँ, अनुष्ठान से पूर्व योग्य ज्योतिषी या पंडित से कुंडली का विश्लेषण कराना उचित माना जाता है, ताकि पूजा का उद्देश्य और संबंधित ग्रहों की स्थिति बेहतर तरीके से समझी जा सके।