अंगारक दोष शांति पूजा

Angarak Dosh Nivaran Puja

वैदिक ज्योतिष में जब ऊर्जा और पराक्रम के कारक "मंगल" (Mars) का मिलन मायावी और क्रूर ग्रह "राहु" (Rahu) के साथ कुंडली के किसी भी भाव में होता है, तो इसे अत्यंत विनाशकारी "अंगारक दोष" (Angarak Dosh) कहा जाता है। यह आग और हवा के मिलने के समान है।

Mangalnath Temple, Ujjain

अंगारक दोष का वैदिक विश्लेषण

अंगारक का शाब्दिक अर्थ है "अंगार" (दहकता हुआ कोयला)। मंगल जहां अग्नि का प्रतीक है, वहीं राहु हवा का। जब हवा अग्नि को भड़काती है, तो ज्वाला अनियंत्रित हो जाती है। ठीक इसी प्रकार, जिस व्यक्ति की कुंडली में यह दोष होता है, उसके भीतर क्रोध की ज्वाला अनियंत्रित हो जाती है।

यह दोष व्यक्ति को आक्रामक, हिंसक और जिद्दी बना देता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति अपने ही सगे-संबंधियों, मित्रों और जीवनसाथी के साथ संबंध बिगाड़ लेता है। कई बार यह दोष व्यक्ति को आपराधिक गतिविधियों या गंभीर कोर्ट केस में फंसा देता है।

विभिन्न भावों में अंगारक दोष का प्रभाव

राहु और मंगल की यह युति कुंडली के जिस घर (भाव) में बनती है, उस घर के फलों को जलाकर राख कर देती है:

प्रथम भाव (लग्न)

व्यक्ति अत्यंत क्रोधी होता है। इसके कारण उसके सिर या चेहरे पर चोट लगने की संभावना बनी रहती है।

चतुर्थ भाव

माता के सुख में कमी आती है, घर में हमेशा कलह का वातावरण रहता है और प्रॉपर्टी के विवाद होते हैं।

सप्तम भाव

वैवाहिक जीवन को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। जीवनसाथी के साथ मारपीट या तलाक की नौबत आ जाती है।

दशम भाव (कर्म)

नौकरी या व्यवसाय में अस्थिरता रहती है। अधिकारियों के साथ भयंकर विवाद होता है।

क्या आप अंगारक दोष से पीड़ित हैं?

यदि आपकी कुंडली आपके पास नहीं है, तो जीवन में घटने वाली इन घटनाओं से आप अंगारक दोष की पहचान कर सकते हैं:

  • बात-बात पर अत्यधिक क्रोध आना और क्रोध में अपना ही नुकसान कर बैठना।
  • सगे भाइयों, मित्रों या पड़ोसियों के साथ अकारण शत्रुता और लड़ाई-झगड़ा।
  • अग्नि (Fire), बिजली (Current) या वाहनों से बार-बार गंभीर दुर्घटना होना।
  • रक्त संबंधी बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर, खून में इन्फेक्शन या सर्जरी (Operation) की नौबत आना।
  • कड़ी मेहनत के बावजूद बार-बार झूठे आरोपों में फंसना।

अंगारक दोष शांति के लिए उज्जैन का महत्व

अंगारक दोष मुख्य रूप से मंगल के दूषित होने से बनता है। अवंतिका (उज्जैन) स्थित मंगलनाथ मंदिर संपूर्ण पृथ्वी पर मंगल देव की जन्मस्थली है।

मंगल की शांति उनके उद्गम स्थल पर ही सबसे प्रभावी रूप से की जा सकती है। जब उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर मंगलनाथ के सानिध्य में राहु और मंगल की विशेष शांति की जाती है, तो दोनों ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा आपस में टकराने के बजाय सकारात्मक ऊर्जा में बदल जाती है।

संपूर्ण वैदिक शांति प्रक्रिया

इस उग्र दोष की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विशेष अनुष्ठान किया जाता है, जिसमें लगभग 3 घंटे का समय लगता है:

चरण 1: संकल्प एवं प्रायश्चित्त

पूर्व जन्मों के पापों के प्रायश्चित्त हेतु विशेष संकल्प लिया जाता है।

चरण 2: मंगल एवं राहु स्थापना

यज्ञ वेदी पर मंगल (लाल रंग) और राहु (काले रंग) के प्रतीक स्थापित कर उनका आह्वाहन किया जाता है।

चरण 3: विशेष मंत्र जाप

मंगल के "ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:" और राहु के "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:" मंत्रों का जाप किया जाता है।

चरण 4: हवन

लाल चंदन, खैर और दूर्वा की समिधा (लकड़ियों) से दोनों ग्रहों के लिए हवन किया जाता है।

चरण 5: मंगल भात अभिषेक

अंत में मंगलनाथ जी पर पके हुए चावल (भात) का अभिषेक कर उनकी उग्रता को शांत किया जाता है।

पूजन के नियम व सावधानियां

पूजन से पहले:

  • पूजा से एक दिन पूर्व क्रोध न करें और मन को शांत रखें।
  • मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का पूर्ण रूप से त्याग करें।

पूजन के बाद:

  • पूजा के पश्चात् तांबे के बर्तन, गुड़, या लाल वस्त्र का दान करें।
  • कम से कम 40 दिनों तक अपने बड़े भाई या मित्रों से विवाद न करें।

शांति पूजा के अकल्पनीय लाभ

  • मन की उग्रता और अकारण आने वाला क्रोध हमेशा के लिए शांत हो जाता है।
  • पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में मधुरता और प्रेम वापस आता है।
  • दुर्घटनाओं, सर्जरी (Operation) और कोर्ट-कचहरी के मामलों से चमत्कारी बचाव होता है।
  • व्यापार और नौकरी में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और साहस का सही दिशा में उपयोग होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या अंगारक दोष के साथ कालसर्प दोष की शांति भी कराई जा सकती है?

जी हाँ। यदि कुंडली में दोनों दोष एक साथ हैं, तो उज्जैन में एक ही अनुष्ठान में दोनों की संयुक्त शांति पूजा कराई जा सकती है।

अनुष्ठान बुक करने के लिए संपर्क करें

यदि आप विधि-विधान से अंगारक दोष शांति पूजा संपन्न कराना चाहते हैं, तो हमारे अनुभवी वैदिक आचार्यों से संपर्क करें।

कॉल करें: +91 74008 59051