August 17, 2026 • By Pandit Ji
श्रावण सोमवार और नाग पंचमी का संयोग 2026: उज्जैन में कौन-सी पूजा करें? जानें पूजा विधि, मंत्र और धार्मिक महत्व
उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर का क्या महत्व है?
नाग पंचमी पर नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन क्यों विशेष माने जाते हैं?
श्रावण सोमवार और नाग पंचमी पर कौन-सी पूजा करें?
2. रुद्राभिषेक: श्रावण सोमवार के दिन रुद्राभिषेक को विशेष पूजा माना जाता है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना और पारिवारिक सुख-शांति की भावना से रुद्राभिषेक करा सकते हैं।
3. महामृत्युंजय मंत्र का जाप: इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी श्रद्धा से किया जाता है।
4. नाग देवता की पूजा: नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। जीवित नाग को दूध पिलाने के बजाय मंदिर में स्थापित प्रतिमा या शिवलिंग पर पूजा करना अधिक उचित है।
श्रावण सोमवार की सरल पूजा विधि
1. सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थान को साफ करके भगवान शिव का ध्यान करें।
3. शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करें।
4. श्रद्धा के अनुसार दूध, बेलपत्र, अक्षत और पुष्प अर्पित करें।
5. धूप और दीप प्रज्वलित करें।
6. भगवान शिव की आरती करें।
7. नाग देवता को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करें।
8. परिवार की सुख-शांति और कल्याण के लिए प्रार्थना करें।
भगवान शिव के कौन-से मंत्र का जाप करें?
नाग पंचमी पर क्या करें और क्या न करें?
क्या न करें: जीवित नागों को परेशान न करें, धार्मिक परंपरा के अनुसार इस दिन भूमि की खुदाई करने से बचने की मान्यता है (ताकि बिल में रहने वाले जीवों को नुकसान न हो), और तामसिक भोजन का त्याग करें।
उज्जैन में रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप
कालसर्प दोष के लिए क्या पूजा करें?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
श्रावण सोमवार और नाग पंचमी एक साथ होने का क्या महत्व है?
श्रावण सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है, जबकि नाग पंचमी नाग देवता की पूजा का पर्व है। भगवान शिव के साथ नाग का धार्मिक संबंध होने के कारण इस अवसर पर शिव और नाग देवता की आराधना को विशेष महत्व दिया जाता है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है और यह कब खुलता है?
श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर स्थित है। इस मंदिर के पट साल में केवल एक बार, नाग पंचमी के दिन ही खुलते हैं।
नाग पंचमी पर भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं?
हाँ, नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और मंत्र जाप श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है।
क्या नाग पंचमी पर कालसर्प दोष की पूजा कराई जा सकती है?
जिन लोगों को ज्योतिषीय परामर्श में कालसर्प दोष बताया गया है, वे नाग पंचमी के अवसर पर भगवान शिव और नाग देवता की पूजा या संबंधित अनुष्ठान के लिए योग्य पंडित से परामर्श ले सकते हैं। पूजा की विधि व्यक्ति की धार्मिक परंपरा और ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार अलग हो सकती है।
उज्जैन में श्रावण सोमवार पर कौन-सी पूजा कराई जा सकती है?
श्रद्धालु अपनी आवश्यकता और धार्मिक परंपरा के अनुसार रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव पूजा तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान करा सकते हैं।

