August 12, 2026 • By Pandit Ji
हरतालिका तीज 2026: तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम और उज्जैन में पूजा का महत्व
हरतालिका तीज 2026 कब है?
हरतालिका तीज का धार्मिक महत्व
हरतालिका तीज व्रत की कथा
हरतालिका तीज 2026 पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा क्यों की जाती है?
हरतालिका तीज 2026 का शुभ मुहूर्त — उज्जैन
हरतालिका तीज व्रत के नियम
हरतालिका तीज 2026 की पूजा विधि
- प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र (विशेषकर लाल या हरे रंग के) पहनें।
- पूजा स्थान को साफ करके वहां एक लकड़ी की चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाएं।
- मिट्टी या बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा बनाएं।
- भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, और सफेद फूल अर्पित करें।
- माता पार्वती को सुहाग की सभी सामग्रियां (सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी आदि) चढ़ाएं।
- हरतालिका तीज की व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
- आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें।
पूजा सामग्री की पूरी सूची
- शिव-पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा (या चित्र)
- बेलपत्र, धतूरा, और शमी के पत्ते
- सफेद और लाल पुष्प
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
- दीपक, धूप, और कपूर
- सिंदूर, मेहंदी, और सुहाग सामग्री (चूड़ियां, बिंदी, आलता)
- ऋतु फल और नैवेद्य (मिठाई)
शिव-पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा क्यों बनाई जाती है?
हरतालिका तीज में क्या करें और क्या न करें?
क्या न करें: क्रोध करने या किसी का अपमान करने से बचें। स्वास्थ्य का ध्यान सर्वोपरि रखें।
उज्जैन में हरतालिका तीज पूजा का महत्व
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हरतालिका तीज 2026 कब है?
हरतालिका तीज का पावन पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को है।
हरतालिका तीज का व्रत कौन रख सकता है?
यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। अविवाहित कन्याएं भी योग्य वर की प्राप्ति के लिए इसे रख सकती हैं।
क्या हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रखना जरूरी है?
परंपरागत रूप से यह निर्जला रखा जाता है, लेकिन स्वास्थ्य स्थिति, गर्भावस्था या पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत की विधि में बदलाव किया जा सकता है।
हरतालिका तीज की पूजा में क्या सामग्री चाहिए?
मुख्य रूप से शिव-पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, पंचामृत, दीपक, और माता पार्वती के लिए सुहाग की सभी सामग्री चाहिए।
क्या अविवाहित लड़कियां हरतालिका तीज का व्रत रख सकती हैं?
हाँ, मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने यह व्रत विवाह से पूर्व ही रखा था, इसलिए अविवाहित लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत रखती हैं।
उज्जैन में हरतालिका तीज की पूजा पंडित जी से कैसे कराएं?
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